हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है, जिंदा तो है जीने की अदा भूल गए है, हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है, खुशबु जो लुटाती है मसलती है उसी को, एहसान का बदला यही मिलता है कली को, एहसान तो लेते है सिला भूल गए है,… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है, जिंदा तो है जीने की अदा भूल गए है, हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है, खुश … more →