1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आना इंतज़ार बन गया साथ में जले हम भी | 2.मध्यम सी चाँदनी बिखरी चाँद आया,ये रात निखरी आगोश में समा गयी … more →
mehekalishaminta wrote 1 month ago: Today when i was siting alone without my parent and friends, i misd my love the most. Wish that i co … more →
Roushan wrote 7 months ago: हमें तो है मोहबत आपसे हम ये कह न सके आपसे जब से टकराई है नज़रें आपसे हम भूल गए सब कुछ कभी हमें … more →
Roushan wrote 1 year ago: aaj bhi insaan insaan se nahi karte dosti dosti ke liye bhi woh dekhte hai dharam aur jaati insaan k … more →
mehhekk wrote 1 year ago: 1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तुम्हे अपनी ज़िंदगी बनाना चाहते है मेरी सांसो में आकर मिल जाओ तुम | तुम्ही फूल मेरे जीवन की बगिया का … more →
mehhekk wrote 1 year ago: दूवायें दे कितनी ,आपने वो काम किया है अपने साथ साथ हमारा भी नाम किया है करके आपने मोहोब्बत हमसे आसमा … more →