हजीअली -मेरे मौला चादर-ओ -फलक से कीमती शामियाँ सजाऊँ पहुंचे तुझ तक इबादत -ऐ -सफर दरमियाँ बनाऊँ | ज़िंदगी से फलसफे सीखे बहुत मेरे मौला रूबरू होकर तुझसे जहन की खामियां समझपाऊँ | दुआएं मेरे अपनों के लिए … more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: हजीअली -मेरे मौला चादर-ओ -फलक से कीमती शामियाँ सजाऊँ पहुंचे तुझ तक इबादत -ऐ -सफर दरमियाँ बनाऊँ | ज़ि … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कहते है लोग ये इश्क़ top post कहते है लोग,ये इश्क़ आग का दरिया होता है | कैसे कहे,के इश्क़,किसिके दि … more →