दुखिया भूखा दुख कीं, सुखिया सुख कौं झूरि सदा अजंदी राम के, जिनि सुख-दुख गेल्हे दूरि संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि भूख के कष्ट के कारण दुखी आदमी मर रहा है तो ढेर सारे सुख के कारण सुखी भी कष्ट उठा … more →
दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 2 months ago: दुखिया भूखा दुख कीं, सुखिया सुख कौं झूरि सदा अजंदी राम के, जिनि सुख-दुख गेल्हे दूरि संत शिरोमणि कबीर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शक्तितोऽपचमानेभ्यो दातव्यं गृहमेधिना संविभागश्च भूतेभ्यःकर्तव्योऽनुपरोधतः सदाचार गृहस्थ को अपनी सामथ … more →