mehhekk wrote 1 year ago: ख्वाब अँखियों की पलकों में समाए ये रहते मन में छिपी बातों को हमसे ये कहते कुछ स्याह कुछ इंद्रधनु स … more →
mehhekk wrote 1 year ago: सोलहवा सावन रिमझिम खनकती बूँदे , जब आंगन में आती है उन भीगे लम्हो को , संग अपने लाती है | बचपन की ला … more →