संतत संपति जानि कै, सबको सब कुछ देत दीन बंधु बिन दीन की, कौ रहीम सुधि लेत कविवर रहीम कहते हैं कि जिनके पास धन पर्याप्त मात्रा में लोग उनको सब कुछ देने को तैयार हो जाते हैं और जिसके पास कम है उसकी कोई … more →
** दीपक भारतदीप की अमृत संदेश-पत्रिका** Mastram Deepak Bharatdeep's Hindi express patrikaदीपक भारतदीप wrote 1 day ago: संतत संपति जानि कै, सबको सब कुछ देत दीन बंधु बिन दीन की, कौ रहीम सुधि लेत कविवर रहीम कहते हैं कि जिन … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: देश में प्रतिदिन ही महिलाओं के प्रति किये गये अपराध समाचारों की सुर्खियां बन रहे हैं। हालत यह हो ग … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ————————- हर्त ज्ञार … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: पीर सबन की एकसी, मूरख जाने नांहि अपना गला कटाक्ष के , भिस्त बसै क्यौं नांहि संत शिरोमणि कबीरदास जी क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: प्रारब्धानि यथाशास्त्रं कार्याण्यासनबुद्धिभिः। बनानीय मनोहारि प्रयच्छन्त्यचिसत्फलम्।। हिंदी में भावा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: ‘जो जो कथै सुनै हरि कीरतन ता की दुरमति नासु।’ सगन मनोरथ पावै नानक पूरन होवै आसु।।’’ हिंदी में भावार् … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: धर्माऽऽख्याने श्मशाने च रोगिणां या मतिर्भवेत्। सा सर्वदैव तिष्ठेयेत् को न मुच्येत बंधानात्।। हिंदी म … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: रहिमन खोटी आदि की, सो परिनाम लखाय जैसे दीपक तम भखै, कज्जल वमन कराय कविवर रहीम कहते हैं कि बुराई हो … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हाँ कि —————————— … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: संत कबीर महाराज कहते हैं कि ———————– कबीर तो सांचै म … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कबीर संगत साधु की, जौ की भूसी खाय खीर खीड भोजन मिलै, साकट संग न जाय संत कबीर दास जी कहते हैं कि साधु … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नाऽकृत्वा प्राणिनां हिंसां मांसमुत्यद्यते क्वचित्। न च प्राणिवधः स्वग्र्यस्तस्मान्मांसं विवर्जयेत्।। … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ——————- स्वायत्तेमेकांतगुणं विधात्रा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ——————– कृमिकुलचितं लालाक्लिन् … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अम्भोजिनी वनविहार विलासमेव हंसस्य हंति नितरां कुपितो विधाता। न त्वस्य दुग्धवाभेदविधौ प्रसिद्धां वें … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: वह ब्लाग क्रिकेट की वजह से ही लोकप्रिय हो रहा है। हुआ यह कि एक अभिनेता की की कोई एक क्रिकेट टीम है। … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कविवर रहीम कहते हैं रहिमन आलस भजन में, विषय सुखहिं लपटाय घास चरै पसु स्वाद तै, गुरु गुलिलाएं खाय म … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: मनसि वचसि काये पुण्यपीयूषपूर्णास्त्रिभुवनमुपकारश्रेणिभिः प्रीणयन्तः परगुणपनमाणून्पर्वतीकृत्य नित्यं … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कवि की हाजिरी पर प्रसन्न होकर अपने दरबार में प्रकट हुए सर्वशक्तिमान और बोले ‘दो में से एक वर मांग ले … more →