बुझती हुई लौ में रूकती हुई साँसों में आपके हर ग़मों के आहों में मैं नहीं मैं तो हु आपके हर अच्छे पलों का साथी नहीं में आपके ग़मों का साथी क्यूँ ? ये मैं भी न समझ पाया अब … more →
ɤȫʋʂɦɑɳ's ɯɛɓ-ɓɭӧģRoushan wrote 2 months ago: बुझती हुई लौ में रूकती हुई साँसों में आपके हर ग़मों के आहों में मैं नहीं मैं तो हु आप … more →
Roushan wrote 4 months ago: kitu:- ना वो आसमा, ना वो मोती, ना वो जुगनू है ए-रहगुज़र ये बस है मोहब्बत का असर , Roushan:- मोहब्बत … more →
Roushan wrote 4 months ago: kitu:- ना वो आसमा, ना वो मोती, ना वो जुगनू है ए-रहगुज़र ये बस है मोहब्बत का असर , Roushan:- मोहब्बत … more →