जीवन क्या है चलता फिरता एक खिलोना है दो आँखो मे एक से हसँना एक से रोना है जो जी चाहे वो मिल जाये कब ऐसा होता है हर जीवन जीवन जीने का समझौता है अब तक जो होता आया है वो ही होना है रात अन्धेरी भोर सुहानी… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 3 years ago: जीवन क्या है चलता फिरता एक खिलोना है दो आँखो मे एक से हसँना एक से रोना है जो जी चाहे वो मिल जाये कब … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: बदला ना अपने आप को जो थे वही रहे मिलते रहे सभी से मगर अजनबी रहे ढुनिया न जीत पाओ तो हारो न खुद को तु … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: अपना गम ले के कही और ना जाया जाये घर मे बिखरी हुई चीजो को सजाया जाये जिन चिरागो को हवाओ का कोई खौफ़ न … more →