1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आना इंतज़ार बन गया साथ में जले हम भी | 2.मध्यम सी चाँदनी बिखरी चाँद आया,ये रात निखरी आगोश में समा गयी … more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: 1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: वही पलाश के फूल लाना तुम चले जो कभी लहराती हवाये काया को मृदुसी छुकर जाये हमारी छुअन का आभास कराये … more →
mehhekk wrote 1 year ago: नयी सुबह जिसका कल से था इंतज़ार वह नयी सुबह अब आई है नये साल के साथ है आई नया आगाज़ संग लाई है | नयी … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हम सदा ही मुस्कुरा जाते है आपके हर एक दीदार में | मोहोब्बत के मोती पिरोए है आपके हर लफ़्ज-ए- इज़हार … more →
mehhekk wrote 1 year ago: चँदनी रात है नींबुआ के पीछे छुपा बैठा जो मध्यम मध्यम मुस्कुराता रहता वो मेरे सलोने चाँद से सजना मैं … more →
mehhekk wrote 1 year ago: काश कुछ ऐसा होता सोचती हूँ काश कुछ ऐसा होता सब कुछ जैसा मैं चाहूं , वैसा होता | जब मन में कोई ख्वाहि … more →
mehhekk wrote 1 year ago: वक़्त ही बाकी रह गया है अक्सर सुनती आई हूँ,वक़्त की कमी है | मेरी आँखों में बस, तेरी यादों की नमी है … more →
mehhekk wrote 1 year ago: दीदार खुश है मेरी बन्नो,आज मधुचंद्र की रात सज सवर कर बैठी है नही करती किसीसे बात कुछ भी कहो ,ग … more →