हमें पूछा था अपने दिल को बहलाने के लिए किसे जगह का पता उन्होने बाजार का रास्ता बता दिया जहां बिकती है दिल की खुशी दौलत के सिक्कों से जहाँ पहुंचे तो सौदागरों ने मोलभाव में उलझा दिया अगर बाजार में मिलती… more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हमें पूछा था अपने दिल को बहलाने के लिए किसे जगह का पता उन्होने बाजार का रास्ता बता दिया जहां बिकती ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जब किसी के लिखने से शांति भंग होती है तो उससे कहें बंद कर दे लिखना जो बिना पढे ही चंद शब्दों को समझे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आखिर झगडा किस बात का है? क्रिकेट वालों ने एक्टर से कहा होगा कि-”यार, क्रिकेट को लोग देखने तो … more →