Blogs about: Internet

Featured Blog

जो सभी को पसंद हो वही कहो -हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 10 hours ago: प्रवचन करते समय गुरुजी ने भक्तों को समझाया। ‘‘भ्रष्टाचार करना होता बहुत बड़ा शाप दहेज समाज के लिये ह … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, लघुकथा, व्यंग्य, व्यंग्य कविता, हास्य व्यंग्य, हिन्दी

बरसात के साथ धार्मिक चालाकी-हिंदी व्यंग्य (hindi vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: अध्यात्म नितांत एक निजी विषय है पर जब उसकी चौराहे पर चर्चा होने लगे तो समझ लो कि कहीं न कहीं उसकी आ … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, पर्यावरण, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

इंटरनेट (अन्तरजाल) का प्रयोग - मौलिक अधिकार है2 comments

उन्मुक्त wrote 1 day ago: अन्तरजाल पर कॉपीराइट का उल्लंघन रोकना मुश्किल है। इसको रोकने के लिये नये नये तरीके ढूंढे जा रहे नये … more →

Tags: कानून, सॉफ्टवेयर, Declaration of the Rights of Man and of the Citizen, Information Technology, Law, presumption of innocence, technology, Web

विदुर नीति-कम ताकत के होते गुस्सा करना तकलीफदेह

दीपक भारतदीप wrote 2 days ago: द्वावेव न विराजेते विपरीतेन कर्मणा। गृहस्थश्च निरारम्भः कार्यवांश्चैव भिक्षुकः।। हिंदी में भावार्थ-न … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, मस्तराम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging

आपरेशन तो आसान है -हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: सरकारी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने एक तीन साल के बच्चे के गले का आपरेशन कर दिया। उस बच्चे के गले … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मनोरंजन, मस्तराम, समाज, साहित्य

सि़यों की कम संख्या उनके प्रति बढ़ते अपराधों के लिये जिम्मेदार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 6 days ago: देश में प्रतिदिन ही महिलाओं के प्रति किये गये अपराध समाचारों की सुर्खियां बन रहे हैं। हालत यह हो ग … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्त राम, शब्द, सन्देश, साहित्य, हिन्दी, bharat

छोटा आदमी, बड़ा आदमी-लघुकथा

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: वह शिक्षित बेरोजगार युवक संत के यहां प्रतिदिन जाता था। उसने देखा कि उनके आशीर्वाद से अनेक लोगों की … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, लघुकथा, व्यंग्य, समाज, हास्य व्यंग्य, हिन्दी

इस ब्लाग/पत्रिका ने पार की पाठक संख्या पचास हजार-संपादकीय

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: पाठ पठन/पाठक संख्या पचास हजार पार करने वाला ईपत्रिका इस लेखक का तीसरा ब्लाग/पत्रिका है। इसने हाल ही … more →

Tags: hindi journlism, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, inglish

भर्तृहरि शतक-बुरे संस्कार बुढ़ापे तक साथ रहते हैं

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————— तानींद्रियाण्यविकलानि तदेव ना … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, मस्तराम, संस्कार, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging

चाणक्य नीति-जो विद्या काम की न आये उसे पाना व्यर्थ

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ————————- हर्त ज्ञार … more →

Tags: आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, हिन्दी, editoriyal, Enternment, hindi litreture

संत कबीर वाणी-मूर्ख लोग सभी की पीड़ा एक समान नहीं मानते

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: पीर सबन की एकसी, मूरख जाने नांहि अपना गला कटाक्ष के , भिस्त बसै क्यौं नांहि संत शिरोमणि कबीरदास जी क … more →

Tags: alekh, आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, bharat, Deepak bharatdeep, dharm

कौटिल्य का अर्थशास्त्र-घमंड से शुरू काम की नाकामी से व्यर्थ का तनाव होता है

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: प्रारब्धानि यथाशास्त्रं कार्याण्यासनबुद्धिभिः। बनानीय मनोहारि प्रयच्छन्त्यचिसत्फलम्।। हिंदी में भावा … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, साहित्य, हिन्दी, bharat, Deepak bharatdeep, editoriyal

चाणक्य नीति-बुरे संस्कार वालों के साथ बैठकर खाना भी न खाएं

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ——————- अर्थार्थीतांश्चय ये शूद्र … more →

Tags: अर्थशास्त्र, आलेख, संस्कार, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

श्री गुरुवाणी-सत्संग से विचार निर्मल होते हैं

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: ‘जो जो कथै सुनै हरि कीरतन ता की दुरमति नासु।’ सगन मनोरथ पावै नानक पूरन होवै आसु।।’’ हिंदी में भावार् … more →

Tags: adhyatm, alekh, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, धर्म, सन्देश, साहित्य

टेलीफोन की हड़ताल का तिलिस्म-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: देश की एक टेलीफोन कंपनी में कर्मचारियों की हड़ताल हो गयी तो उसके इंटरनेट प्रयोक्ताओं को भारी परेशानी … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

विदुर नीति-जैसे दिल में ख्याल होते हैं वैसे ही बनता है नज़रिया

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: द्वेषो न साधुर्भवति न मेधावी न पण्डित। प्रिये शुभानि कार्याणि द्वेष्ये पापानि चैव ह।। हिंदी में भावा … more →

Tags: आचरण, आध्यात्म, कला, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging

भर्तृहरि शतक-बेइज्जती से भी भूख कहाँ मिटती है

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भ्रान्तं देशमनेकदुर्गविषमं प्राप्तं न किंचित्फलं त्यकत्वा जातिकुलाभिमानमुचितं सेवा कृता निष्फला। भुक … more →

Tags: आलेख, इंडिया, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, हिंदी साहित्य, हिन्दी, Blogger, Blogging

विदुर नीति-दुष्ट को अपना राज बताना खतरनाक

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: धर्माऽऽख्याने श्मशाने च रोगिणां या मतिर्भवेत्। सा सर्वदैव तिष्ठेयेत् को न मुच्येत बंधानात्।। हिंदी म … more →

Tags: अध्यात्म, दीपक भारतदीप, साहित्य, हिन्दी, Deepak bharatdeep, India, inlglish, jagran, mastram

मनुस्मृति- कठिन जगह पर जाने से बचें

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनु महाराज कहते हैं कि —————– अधितिष्ठेन केशांस्तु न भस्मास्थिक … more →

Tags: hindi journlism, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, hindi bhasakar, hindi jagran


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “internet”:
Technorati Del.icio.us IceRocket