इश्क की दास्तान है प्यारे, अपनी अपनी जुबान है प्यारे, हम जमाने से इन्तकाम तो ले, एक हसीं दरम्यान है प्यारे, तू नहीं मैं हुँ, मैं नहीं तू है, अब कुछ ऎसा गुमान है प्यारे, रख कदम फुंक-फूक कर नादां, जर्रे… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: इश्क की दास्तान है प्यारे, अपनी अपनी जुबान है प्यारे, हम जमाने से इन्तकाम तो ले, एक हसीं दरम्यान है … more →