इश्क़ के शोले को भड़काओ कि कुछ रात कटे दिल के अंगारे को दहकाओ कि कुछ रात कटे हिज्र में मिलने शब-ए-माह के गम आये हैं चारासाजों को भी बुलवाओ कि रात कटे कोई जलता ही नहीं कोई पिघलता ही नहीं मोम बन जाओ पिघ… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: इश्क़ के शोले को भड़काओ कि कुछ रात कटे दिल के अंगारे को दहकाओ कि कुछ रात कटे हिज्र में मिलने शब-ए-मा … more →