वादा नही कर रही हूँ कोई तुमसे क्यूंकी वादों की उमर बड़ी छोटी होती है टूटने की खनक भी सुनाई नही देती सारे सपने भी संग ले जाती है चाहत का इरादा बाँध लाई हूँ दिल में तुम्हारे लिए ईरादों की डोर बड़ी पक्… more →
mehekmehhekk wrote 1 month ago: वादा नही कर रही हूँ कोई तुमसे क्यूंकी वादों की उमर बड़ी छोटी होती है टूटने की खनक भी सुनाई नही देत … more →
mehhekk wrote 4 months ago: मेघा आज फिर टुटके बरसे तुम मीत से माटी से ‘महक’ ऊठी , इश्क में सराबोर निकली | == … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: वैसे तो भारतीय संस्कृति और संस्कारों में लोगों को ढेर सारे दोष दिखाई देते हैं पर फिर भी वह उसमें तमा … more →
alishaminta wrote 5 months ago: Door hai apse to kuch gam nahi, Door rehke bhulne wale hum nahi, Roz mulaqat na ho to kya hua, apki … more →
alishaminta wrote 7 months ago: Sometimes the moment you face in life are depicted in the the others words. I m really inspired by M … more →
mehhekk wrote 7 months ago: इन फूलों की बारिश में भीग लेते है हम भी मोहोब्बत के इत्र की महक जरा बदन पर चढा लूँ अगले मौसम तक फिर … more →
mehhekk wrote 7 months ago: बहुत कुछ कहना चाहता है दिल ..ये अचानक चलते चलते सफ़र में …हम दोनों में दूरियाँ कहा से आ गयी .. … more →
mehhekk wrote 8 months ago: ये इश्क भी क्या क्या खता करवाता है महबूब -ओ-दिल पे शक की सुइयां दिखाए माना उनसा इमानदार न कोई कायनात … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कैसे सुनाउ तुम्हे हाल-ए-दिल मैं ज़रा सी घबराई हूँ तुम जो खफा हो अचानक मैं ज़रा सी कतराई हूँ | जज़् … more →
mehhekk wrote 1 year ago: शाम सुहानी सी धूप की चादर को हटाकर बिखर गये नीले स्याह से बादल गरजत बरसात बूँदों का आना ,गालों पर सर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तेरे दर्द में सनम हम रह लेंगे इश्क़ में हुए हर सितम सह लेंगे दूर ही सही मगर दिल के करीब हो तेरे आ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: एक तेरा एक मेरा खिलतें है हज़ारों गुलाब जब आते हो तुम साजन फ़िज़ायें भी बहकने लगती है कर खुशबू का रु … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मोहोब्बतें आँखों से आँखों का फलसफा कहती खामोशियों में भी मदहोश सी बहती मोहोब्बतें बन अफ़साना हमारे द … more →
mehhekk wrote 1 year ago: नींद की लहरों में ख्वाबों के समंदर से उठ कर रौशनी की चाह जगाता हुआ चमचमाती चाँदनी शुभ्रा सा घुलता है … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तुम्हे देख ए हमनशी कदम खुद ब खुद चलते है बड़ी मुश्किल से जज़्बा-ओ-दिल हमसे संभलते है | मिलने तुझ से … more →
mehhekk wrote 1 year ago: न जाने क्यों वो ये कैसे सोच लेता है के उसके हर जज़्बात हमारा दिल समझता है साथ होकर भी तरन्नुम-ए-खामो … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कुछ दिल से १. वैसे तो आपकी हर अदा से वाकिफ़ है दिलदारा डरते है जब इश्क़ में इम्तेहान देने की ब … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाल-ए-दिल बयान कर रहे थे जब हम अपना पाक-ए-मोहोब्बत है तुमसे ये मान लिया होता | किसी भी हद्द से गुजर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: देखा नज़र भर के तुझे जमाना हुआ हमारी रुसवाईयों का सबब पुराना हुआ | हम कब के भुला चुके तीर-ए-नश्तर नफ … more →