इन फूलों की बारिश में भीग लेते है हम भी मोहोब्बत के इत्र की महक जरा बदन पर चढा लूँ अगले मौसम तक फिर ये ताजगी रहेगी मन में . ——————————… more →
mehekalishaminta wrote 3 weeks ago: Door hai apse to kuch gam nahi, Door rehke bhulne wale hum nahi, Roz mulaqat na ho to kya hua, apki … more →
alishaminta wrote 2 months ago: Sometimes the moment you face in life are depicted in the the others words. I m really inspired by M … more →
mehhekk wrote 2 months ago: इन फूलों की बारिश में भीग लेते है हम भी मोहोब्बत के इत्र की महक जरा बदन पर चढा लूँ अगले मौसम तक फिर … more →
mehhekk wrote 2 months ago: बहुत कुछ कहना चाहता है दिल ..ये अचानक चलते चलते सफ़र में …हम दोनों में दूरियाँ कहा से आ गयी . … more →
mehhekk wrote 3 months ago: ये इश्क भी क्या क्या खता करवाता है महबूब -ओ-दिल पे शक की सुइयां दिखाए माना उनसा इमानदार न कोई कायना … more →
mehhekk wrote 9 months ago: कैसे सुनाउ तुम्हे हाल-ए-दिल मैं ज़रा सी घबराई हूँ तुम जो खफा हो अचानक मैं ज़रा सी कतराई हूँ | जज … more →
mehhekk wrote 1 year ago: शाम सुहानी सी धूप की चादर को हटाकर बिखर गये नीले स्याह से बादल गरजत बरसात बूँदों का आना ,गालों पर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तेरे दर्द में सनम हम रह लेंगे इश्क़ में हुए हर सितम सह लेंगे दूर ही सही मगर दिल के करीब हो ते … more →
mehhekk wrote 1 year ago: एक तेरा एक मेरा खिलतें है हज़ारों गुलाब जब आते हो तुम साजन फ़िज़ायें भी बहकने लगती है कर खुशबू का रु … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मोहोब्बतें आँखों से आँखों का फलसफा कहती खामोशियों में भी मदहोश सी बहती मोहोब्बतें बन अफ़साना हमारे … more →
mehhekk wrote 1 year ago: नींद की लहरों में ख्वाबों के समंदर से उठ कर रौशनी की चाह जगाता हुआ चमचमाती चाँदनी शुभ्रा सा घुलता ह … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तुम्हे देख ए हमनशी कदम खुद ब खुद चलते है बड़ी मुश्किल से जज़्बा-ओ-दिल हमसे संभलते है | मिलने तुझ स … more →
mehhekk wrote 1 year ago: न जाने क्यों वो ये कैसे सोच लेता है के उसके हर जज़्बात हमारा दिल समझता है साथ होकर भी तरन्नुम-ए-खामो … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कुछ दिल से १. वैसे तो आपकी हर अदा से वाकिफ़ है दिलदारा डरते है जब इश्क़ में इम्तेहान देने की … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाल-ए-दिल बयान कर रहे थे जब हम अपना पाक-ए-मोहोब्बत है तुमसे ये मान लिया होता | किसी भी हद्द से गुज … more →
mehhekk wrote 1 year ago: देखा नज़र भर के तुझे जमाना हुआ हमारी रुसवाईयों का सबब पुराना हुआ | हम कब के भुला चुके तीर-ए-नश्तर नफ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कायनात झुक जाएगी हबीब-ए-सुलताना तेरा अक्स देखा था पानी में ऐसा हुस्न-ए-माहताब पहेले न देखा ज़िंदगा … more →
mehhekk wrote 1 year ago: पहला प्यार जब भी देखूं तुम्हारी आँखों में याद आते हैं वो गुजरे गुलाबी लम्हें पहला प्यार जो हमार … more →
mehhekk wrote 1 year ago: खामोशियाँ भी तेरी दिल को है गवारा अज़ीज-ए-जानशीन के किस्सा-ओ- मोहोब्बत तेरी आँखों से बयान हो जाता द … more →