इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं दीजिए अगर आपको इल्ज़ाम देने हैं और कौन दूसरा सितम-परस्त होगा इतना आपकी न पर भी मुझे पयाम देने हैं आपकी नीम-नज़र देती है मुझको सौ ग़ालियाँ बावजूद इसके मुझे सौ सलाम … more →
तख़लीक़-ए-नज़रPraful wrote 4 months ago: The people of Pakistan used to think cricket was immune from militant a … more →
अफ़लातून wrote 10 months ago: . अगर हमारे देश में कोई नीच जाति में जन्म लेता है , तो वह हमेशा के लिए गया – बीता समझा जाता है … more →
kuldipgupta wrote 1 year ago: इस्लाम को राजा राम मोहन राय की कोई आवश्यकता नहीं है। क्यों? क्योंकि फिटकरी रगड़ने से कैन्सर ठीक नहीं … more →
विनय wrote 1 year ago: इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं दीजिए अगर आपको इल्ज़ाम देने हैं और कौन दूसरा सितम-परस्त होगा … more →