हम सदा ही मुस्कुरा जाते है आपके हर एक दीदार में | मोहोब्बत के मोती पिरोए है आपके हर लफ़्ज-ए- इज़हार में | इश्क़ के जाम छलकते है आपकी हर मीठि तकरार में | सहर हमे तन्हा कर गयी है आपके मिलन की खुमार… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: हम सदा ही मुस्कुरा जाते है आपके हर एक दीदार में | मोहोब्बत के मोती पिरोए है आपके हर लफ़्ज-ए- इज़हार … more →
mehhekk wrote 1 year ago: काश कुछ ऐसा होता सोचती हूँ काश कुछ ऐसा होता सब कुछ जैसा मैं चाहूं , वैसा होता | जब मन में कोई ख्वाहि … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कितनी शिद्दत से उन्हे,दिल में बसाया इज़हार-ए-मोहोब्बत के लिए , जरासा रुके थे आँखों के सामने से,मेरा … more →