चाँद से फूल से या मेरी जुबां से सुनिए, हर तरफ आप का किसा जहां से सुनिए, सब को आता है दुनिया को सता कर जीना, ज़िंदगी क्या मुहब्बत की दुआ से सुनिए, मेरी आवाज़ पर्दा मेरे चहरे का, मैं हूँ खामोश जहां मुझको … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामwrote 1 week ago: चाँद से फूल से या मेरी जुबां से सुनिए, हर तरफ आप का किसा जहां से सुनिए, सब को आता है दुनिया को सता क … more →
wrote 2 weeks ago: तन्हा-तन्हा हम रो लेंगे महफ़िल-महफ़िल गायेंगे, जब तक आंसू साथ रहेंगे तब तक गीत सुनायेंगे, तुम जो सोचो … more →
wrote 2 weeks ago: न शिवाले न कालिस न हरम झूठे हैं, बस यही सच है के तुम झूठे हो हम झूठे हैं, हमने देखा ही नहीं बोलते उन … more →
wrote 2 weeks ago: क्या खबर थी इस तरह से वो जुदा हो जाएगा, ख्वाब में भी उसका मिलना ख्वाब सा हो जाएगा, ज़िन्दगी थी क़ैद ह … more →
wrote 2 weeks ago: खुदा हमको ऐसी खुदाई न दे, के अपने सिवा कुछ दिखाई न दे, खतावार समझेगी दुनिया तुझे, के इतनी जियादा सफा … more →
wrote 2 weeks ago: कभी यूंह भी आ मेरी आँख में, के मेरी नज़र को खबर न हो, मुझे एक रात नवाज़ दे, मगर उस के बाद सहर न हो, व … more →
wrote 2 weeks ago: धुप है क्या और साया क्या है अब मालूम हुआ, ये सब खेल तमाशा क्या है अब मालूम हुआ, हँसते फूल का चेहरा द … more →
wrote 2 weeks ago: देखा जो आइना तो मुझे सोचना पड़ा, खुद से न मिल सका तो मुझे सोचना पड़ा, उसका जो ख़त मिला तो मुझे सोचना … more →
wrote 3 weeks ago: ऐसे हिज्र के मौसम तब तब आते हैं, तेरे अलावा याद हमें सब आते हैं, जादू की आँखों से भी देखो दुनिया को, … more →
wrote 3 weeks ago: ना मुहब्बत ना दोस्ती के लिए, वक़्त रुकता नहीं किसी के लिए, दिल को अपने सज़ा न दे यूं ही, सोच ले आज दो … more →
wrote 3 weeks ago: मेरे दरवाज़े से अब चाँद को रुक्सत कर दो, साथ आया है तुम्हारे जो तुम्हारे घर से, अपने माथे से हटा दो य … more →
wrote 3 weeks ago: हम तो यूँ अपनी ज़िन्दगी से मिले, अजनबी जैसे अजनबी से मिले, हर वफ़ा एक जुर्म हो गया, दोस्त कुछ ऎसी बेर … more →
wrote 3 weeks ago: होंठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो, बन जाओ मीत मेरे मेरी प्रीत अमर कर दो, न उम्र की सीमा हो न जन … more →
wrote 3 weeks ago: ये करें और वो करें ऐसा करें वैसा करें, ज़िन्दगी दो दिन की है दो दिन में हम क्या क्या करें, जी में आत … more →
wrote 3 weeks ago: मेरे दिल में तू ही तू है दिल की दावा क्या करूँ, दिल भी तू है जान भी तू है तुझपे फ़िदा क्या करूँ, खुद … more →
wrote 3 weeks ago: हमसफ़र बन के हम साथ हैं आज भी, फिर भी है ये सफ़र अजनबी अजनबी, राह भी अजनबी मोड़ भी अजनबी, जाएँ हम किध … more →
wrote 4 weeks ago: उसकी बातें तो फूल हो जैसे, बाकि बातें बाबुल हो जैसे, छोटी छोटी सी उसकी वो आंखे, दो चमेली के फूल हो ज … more →
wrote 4 weeks ago: परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता, किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता, बड़े लोगो से मिलने म … more →
wrote 4 weeks ago: बादल की तरह झूम के लहरा के पियेंगे, सकी तेरे मएखाने पे हम जा के पियेंगे, उन मदभरी आखों को भी शर्मा क … more →