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Blogs about: Jan 2008

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सुना है अफ़साना 4 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: इशरत का सुना है अफ़साना हैरत का सुना है अफ़साना चाँद सितारों से तेरी सूरत का सुना है अफ़साना लोगों ने स … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain, 2008

काटे हैं इन्सान ने दिल की रगों से खंजर कई

Rohit Jain wrote 1 year ago: काटे हैं इन्सान ने दिल की रगों से खंजर कई दिल की हिम्मत से सुनो झुक जाते हैं लश्कर कई ये जो मतलबी जह … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, की, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

दिल ये सोचता है किसी पल होगा

Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल ये सोचता है किसी पल होगा वो बेवफ़ा भी मेरे लिये बेकल होगा ग़र मेरी आँखों में बरसातें हैं उसके दिल … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, पल, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

मुझसे भी रकीबों की तरह बात ना करो

Rohit Jain wrote 1 year ago: मुझसे भी रकीबों की तरह बात ना करो मेरी ही बाज़ी में मुझे तुम मात ना करो इक बार तो कह दो मुझे तुम अपना … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, की, बात, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

मेरी ज़िंदगी में सहारा नहीं है2 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: मेरी ज़िंदगी में सहारा नहीं है किस किस को मैने पुकारा नहीं है निकलता हूँ घर से तो ये सोचता हूँ वो क्य … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, में, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

जब से मैने वो हँसी सा पैकर देखा है1 comment

Rohit Jain wrote 1 year ago: जब से मैने वो हँसी सा पैकर देखा है झूमता गाता हुआ हर मंज़र देख है राह में मिलनेवालों से लेते हैं अपनी … more →

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ड़ूबनेवाले को इक ही तिनके का सहारा काफ़ी है

Rohit Jain wrote 1 year ago: ड़ूबनेवाले को इक ही तिनके का सहारा काफ़ी है समझदार को कहते हैं बस एक इशारा काफ़ी है यूँ ही नहीं कहता हू … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, ही, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

दिल जला उसकी तस्वीर जल गई होगी

Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल जला उस की तस्वीर जल गई होगी इश्क़ की आखरी तहरीर जल गई होगी नज़र उठी तो बिजली ने भी खैर मांगी जो झु … more →

Tags: 2008 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, 2008, उसकी, कविता, गई, गज़ल, जल, जला


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