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Raju need not fear ostracism once he's out - society will embrace him.

Praful wrote 10 months ago: A friend in Washington told me that Indians working in the World Bank and International Monetary Fun … more →

Tags: News

सुना है अफ़साना 4 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: इशरत का सुना है अफ़साना हैरत का सुना है अफ़साना चाँद सितारों से तेरी सूरत का सुना है अफ़साना लोगों ने स … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Jan 2008, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

काटे हैं इन्सान ने दिल की रगों से खंजर कई

Rohit Jain wrote 1 year ago: काटे हैं इन्सान ने दिल की रगों से खंजर कई दिल की हिम्मत से सुनो झुक जाते हैं लश्कर कई ये जो मतलबी जह … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Jan 2008, की, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

दिल ये सोचता है किसी पल होगा

Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल ये सोचता है किसी पल होगा वो बेवफ़ा भी मेरे लिये बेकल होगा ग़र मेरी आँखों में बरसातें हैं उसके दिल … more →

Tags: 2008 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, Jan 2008, 2008, कविता, किसी, गज़ल, जैन, दिल

मुझसे भी रकीबों की तरह बात ना करो

Rohit Jain wrote 1 year ago: मुझसे भी रकीबों की तरह बात ना करो मेरी ही बाज़ी में मुझे तुम मात ना करो इक बार तो कह दो मुझे तुम अपना … more →

Tags: 2008 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, Jan 2008, 2008, करो, कविता, की, गज़ल, जैन

मेरी ज़िंदगी में सहारा नहीं है2 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: मेरी ज़िंदगी में सहारा नहीं है किस किस को मैने पुकारा नहीं है निकलता हूँ घर से तो ये सोचता हूँ वो क्य … more →

Tags: 2008 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, Jan 2008, 2008, कविता, गज़ल, जैन, नहीं, में

जब से मैने वो हँसी सा पैकर देखा है1 comment

Rohit Jain wrote 1 year ago: जब से मैने वो हँसी सा पैकर देखा है झूमता गाता हुआ हर मंज़र देख है राह में मिलनेवालों से लेते हैं अपनी … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Jan 2008, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

ड़ूबनेवाले को इक ही तिनके का सहारा काफ़ी है

Rohit Jain wrote 1 year ago: ड़ूबनेवाले को इक ही तिनके का सहारा काफ़ी है समझदार को कहते हैं बस एक इशारा काफ़ी है यूँ ही नहीं कहता हू … more →

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दिल जला उसकी तस्वीर जल गई होगी

Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल जला उस की तस्वीर जल गई होगी इश्क़ की आखरी तहरीर जल गई होगी नज़र उठी तो बिजली ने भी खैर मांगी जो झु … more →

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झाँके है ज़ुल्फ़ों से शबाब आधा आधा

Rohit Jain wrote 1 year ago: झाँके है ज़ुल्फ़ों से शबाब आधा आधा रात आधी आधी माहताब आधा आधा देखनेवालों संभल जाओ ज़रा तुम है आज उनके र … more →

Tags: 2007 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, JAN 2007, 2007, आधा, कविता, गज़ल, जैन, झाँके

क़तरा क़तरा पिघल रहा हूँ

Rohit Jain wrote 1 year ago: क़तरा क़तरा पिघल रहा हूँ तेरी आँच में मै जल रहा हूँ सहमा सहमा और धीरे धीरे बर्फ़ की मानिंद गल रहा हूँ अ … more →

Tags: 2007 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, JAN 2007, 2007, कविता, गज़ल, जैन, पिघल, रहा

कह कह कर तुझ पर ग़ज़ल मै मीर हो गया

Rohit Jain wrote 1 year ago: कह कह कर तुझ पर ग़ज़ल मै मीर हो गया मसला दिल का ऐसा उलझा कश्मीर हो गया वो आये मेरे करीब तो यारों यूँ ल … more →

Tags: 2007 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, JAN 2007, 2007, कर, कविता, कह, गया, गज़ल

प्यार का आखरी अंदाज़ बाकी है1 comment

Rohit Jain wrote 1 year ago: प्यार का आखरी अंदाज़ बाकी है दिल तोड़ने का रिवाज़ बाकी है मौत के फ़रिश्तों ज़रा कुछ पल ठहरो मेरे आखरी नमा … more →

Tags: 2007 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, JAN 2007, 2007, अंदाज़, आखरी, कविता, का, गज़ल


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