ताश सी ज़िंदगी //1// लगती है हमे कभी कभी ये ज़िंदगी ताश की गडडी सी इंसान सब ताश के पत्ते खेल खेलता वो उपरवाला जी मन में आया वो ताश दिखाया ज़रूरत जिसकी वो पत्ता छिपाया जब लगता अब हम जीत रहे है तिकड़म च… more →
mehekPraful wrote 9 months ago: *Employee**woh hai* jo aksar fasta hai interviews ke sawaal me badi companiyon ke jal me boss aur cl … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ताश सी ज़िंदगी //1// लगती है हमे कभी कभी ये ज़िंदगी ताश की गडडी सी इंसान सब ताश के पत्ते खेल खेलता व … more →