आपातकाल की औपचारिक घोषणा के पहले भी सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा पत्र-पत्रिकाओं पर नकेल कसना शुरु हो चुका था । सेन्सरशिप न होने के बावजूद सरकारी विज्ञापन और अखबारी कागज के कोटे आदि के द्वारा यह अंकुश रखा ज… more →
शैशवअफ़लातून wrote 2 months ago: आपातकाल की औपचारिक घोषणा के पहले भी सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा पत्र-पत्रिकाओं पर नकेल कसना शुरु हो चुका … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: जीवन विफलताओं से भरा है , सफलताएँ जब कभी आईं निकट , दूर ठेला है उन्हें निज मार्ग से । तो क्या … more →