नवम्बर 2007 के Hpathy .com पर जरमी शैएर का एक साक्षत्कार छपा है , विषय मनीष भाटिया ने उठाया है कि क्या जटिल रोगों ( chronic cases ) एक ही सिमिलीमम काफ़ी है या इससे भी अधिक सिमिलीमम हो सकते हैं . मुझे य… more →
होम्योपैथी-नई सोच/नई दिशायेंDr Prabhat Tandon wrote 2 years ago: नवम्बर 2007 के Hpathy .com पर जरमी शैएर का एक साक्षत्कार छपा है , विषय मनीष भाटिया ने उठाया है कि क् … more →