Thanks Rajeev for the poem I love so much… सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी दूर फिरंगी को करने की सबने मन मे… more →
India My Country?? No way, its our Indiamadsadman wrote 3 months ago: Thanks Rajeev for the poem I love so much… सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी बूढ़े भा … more →