Lyricist: Jigar Muradabadi Singer: Ghulam Ali मेरा जो हाल हो सो हो बर्क़-ए-नज़र गिराए जा मैं यों ही नालाँकश रहूँ तू यों ही मुसकुराए जा। दिल के हर-एक गोशा में आग-सी इक लगाए जा मुतरब-ए-आतिशी नवा हाँ इसी… more →
Their Words, Their Voicemehhekk wrote 1 year ago: मखमली शायरी-जिगर मुरादाबादी यूही दराज़ खोला एक पुरानी मॅगज़ीन हाथ लग गयी,जिस में जिगर मुरादाबादी जी … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: यह किसका तस्सवूर है, यह किसका फ़साना है, जो अश्क है आखों में तस्बीह का दाना है, जो उन पे गुज़रती है, … more →
Jaya wrote 3 years ago: Lyricist: Jigar Muradabadi Singer: Ghulam Ali मेरा जो हाल हो सो हो बर्क़-ए-नज़र गिराए जा मैं यों ही … more →