दुनिया की भीड़ में खुद को ढालना ज़रूरी होता है दो पल बैठ किनारे कभी खुद से म… more →
mehekmehhekk wrote 3 months ago: दुनिया की भीड़ में खुद को ढालना ज़रूर … more →
mehhekk wrote 6 months ago: ऐसी हर सहर कीजिए नींद खुले देखूं तु … more →
mehhekk wrote 8 months ago: तकदीर ने कुछ अनकहे फ़ैसले सुनाए कबु … more →