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Blogs about: Journey

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रोते हैं सब से छिपकर 2 comments

विनय wrote 1 year ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें कितना तन्हा कर जाती हैं रोते हैं सब से छिपकर अँधेरों में ख़ुद … more →

Tags: मेरा गीत, Love, light, दिल, ख़ुशबू, फ़िज़ा, तूफ़ान, धड़कन, सपना

फिर क्यों दोनों तन्हा2 comments

विनय wrote 1 year ago: एक ही रास्ता जब है दोनों का फिर क्यों दोनों तन्हा फिर क्यों दोनों तन्हा मेरा मरहम है तू मेरा मज़हब है … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, प्यार, चेहरा, मोहब्बत, वफ़ा, तन्हा, ख़ाहिश

पहली बार देखा तुमको1 comment

विनय wrote 1 year ago: पहली बार देखा तुमको जाने क्या हुआ दिल की धड़कनों का हल्का-हल्का एहसास हुआ डूब गया मैं तेरी आँखों में … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, दर्द, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, वफ़ा, धड़कन

कब कहाँ रुकें, कब तक चलें

विनय wrote 1 year ago: कब कहाँ रुकें, कब तक चलें ठहर जायें जहाँ दो पल के लिए वह मंज़िल है कहाँ? तुम जहाँ कहानियाँ कहती हों व … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, प्यार, मंज़िल, मोहब्बत, सफ़र, वफ़ा, अरमान

किस राह को चल रहे थे

विनय wrote 1 year ago: किस राह को चल रहे थे किस राह को हम चल दिये, उनसे प्यार लिए हम चले इक नये सफ़र पर, लुटा दिया सारा जो क … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, Love, प्यार, बादल, मोहब्बत, सफ़र, वफ़ा, डगर

दिल, मिलें कैसे कोई तो रास्ता दे

विनय wrote 1 year ago: दिल, मिलें कैसे कोई तो रास्ता दे क़ुछ यक़ीन ख़ुद पर रहे ऐसा ज़माने को वास्ता दे मैंने सपनों में सजायी ज … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, यक़ीन, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, desire, Search

जिसकी यादों में गुज़ारता हूँ सुबह-शाम

विनय wrote 1 year ago: जिसकी यादों में गुज़ारता हूँ मैं सुबह-शाम मंज़िल वह मेरी वह मेरा आख़िरी मुक़ाम वह रंगीन शाम थी शाम वह ग … more →

Tags: मेरा गीत, नूर, Love, Reminisce, दिल, चेहरा, मंज़िल, मुक़ाम, वफ़ा

मेरे दिल में कोई रहता है

विनय wrote 1 year ago: मैं कुछ कहता हूँ दिल कुछ कहता है मेरे ख़ाबों में न जाने कौन रहता है आया नहीं कभी वह यहाँ पर फिर भी म … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, दिल, प्यार, चेहरा, मोहब्बत, सपने, नज़र

ऐ दिल वहाँ चल जहाँ रहते हैं वह1 comment

विनय wrote 1 year ago: ऐ दिल वहाँ चल जहाँ रहते हैं वह उनके बिना कितने पल गुज़ारे हैं खोये-खोये सारे वह बीते नज़ारें हैं हाथों … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, गुल, दिल, प्यार, मंज़िल, नाम, मोहब्बत

गिर जायेगा इस बरसात में घर

विनय wrote 1 year ago: गिर जायेगा इस बरसात में घर तुम हो उधर हम हैं इधर जंगल ही जंगल है सब वीराना-सा जिस सिम्त दौड़ती है नज़ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, सफ़र, दुआ, नज़र, वीराना

तेरे चेहरे पर अपनी नज़र ढूँढ़ते हैं

विनय wrote 2 years ago: हर गली हर कूचा दर-ब-दर ढूँढ़ते हैं हम अपनी दुआ में असर ढूँढ़ते हैं तुम देखकर हँसते हो मुझे और हम तेर … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, धूप, इश्क़, Love, haze, प्यार, मंज़िल, मोहब्बत, सफ़र

तुम्हारी तलाश

विनय wrote 2 years ago: अजब जाला है डोरियों का एक डोर का छोर जाने और कितनी डोरियों से जुड़ा है… डोरियाँ कुछ मानूस जानी … more →

Tags: मेरी नज़्म, ज़िन्दगी, वक़्त, इश्क़, Love, time, प्यार, मोहब्बत, चाहत


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