कभी आंसू कभी खुशी बेची, हम गरीबो ने बेकसी बेची, चाँद साँसे खरीदने के लिए, रोज़ थोडी सी ज़िंदगी बेची, जब रुलाने लगे मुझे साये, मैंने उकता के रौशनी बेची, एक हम थे के बिक गए ख़ुद ही, वरना दुनिया ने दोस्ती… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: कभी आंसू कभी खुशी बेची, हम गरीबो ने बेकसी बेची, चाँद साँसे खरीदने के लिए, रोज़ थोडी सी ज़िंदगी बेची, … more →