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Sant Kabir speech: relevant to interfere with a devotional1 comment

दीपक भारतदीप wrote 6 days ago: inglish translation by googl tool 1.Sant Kabir G says that the head clean - clean water and clothes … more »

Tags: hindu, dharm, dohe, darshan, bharat, India, Sahitya, web dunia, web bhaskar

रहीम के दोहेःपरोपकार करने वाले को बीच में मत छोड़ो

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: रहिमन पर उपकार के, करत न यारी बीच मांस द … more »

Tags: Anubhuti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, कला, मस्तराम, समाज, सूचना

कोई स्टार तो कोई फ्लाप ब्लागर-हास्य व्यंग्य2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: ब्लागर पार्क में दोनों ब्लागर प्रतिद … more »

Tags: अभिव्यक्ति, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, bharat, अनुभूति, हिंदी साहित्य, साहित्य, Education, Friends

संत कबीर वाणी:मुहँ में डाले तेल से आंखों देखा घी भला 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आंखों देखा घी भला, ना सुख मेला तेल साधू … more »

Tags: अध्यात्म, आलेख, समाज, साहित्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Deepak bharatdeep, dohe

संत कबीर वाणी:सेवा के बदले दाम मांगे वह सेवक नहीं 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: फल कारण सेवा करे, करे न मन से काम कहैं क … more »

Tags: aducation, arebic, आध्यात्म, आलेख, दीपक भारतदीप, धर्म, भारत, शिक्षा, संस्कार

इंटरनेट के वायरस यानि आजकल के नये भूत- व्यंग्य2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कंप्यूटर के वायरस ऐसे ही लगते हैं जैस … more »

Tags: arebic, आलेख, कला, दीपक भारतदीप, भारत, व्यंग्य, समाज, साहित्य, हास्य व्यंग्य

संत कबीर वाणी:ज्ञान रुपी हाथी की सवारी कीजिए, भौंकने पर ध्यान न दीजिये2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हस्ती चढ़िए ज्ञान की, सहज दुलीचा डार श् … more »

Tags: आलेख, ज्ञान, समाज, साहित्य, हिन्दी, Deepak bharatdeep, dohe, E-patrika, Friends

संत कबीर वाणी:जीभ का रस सर्वोत्तम 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: सहज तराजू आनि के, सब रस देखा तोल सब रस म … more »

Tags: aastha, कला, दीपक भारतदीप, भारत, संस्कार, समाज, साहित्य, हिंदी साहित्य, bharat

रहीम के दोहे:सम्मान से जो मिले वही उचित

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: मांगे मुकरि न को गयो, केहि न त्यागियो स … more »

Tags: alekh, आध्यात्म, दीपक भारतदीप, समाज, हिन्दी पत्रिका, Deepak bharatdeep, E-patrika, Education, Friends

संत कबीर वाणी:कुल के अंहकार का भाव भक्ति में बाधक

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कुल खोये कुल उबरै, कुल राखै कुल जाय राम … more »

Tags: Blogroll, Hindi Darshan, Hindu darshan, bharat, web duniya, Hindi book, hindi adhyatm, hindi shabd, hindi astha

संत कबीर वाणी:कितना भी कष्ट हो मूर्ख से मित्रता न करें 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: गिरिये परवत शिखर ते, परिये धरनि मंझार … more »

Tags: आलेख, समाज, हिंदी पत्रिका, bharat, Blogroll, Deepak bharatdeep, deshbord, Global Dashboard, hindi adhyatm

कबीर के दोहे:अब मन हंस की तरह मोती चुनता है 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कंचन दीया कारन ने, दरोपदी ने चीर जो दीय … more »

Tags: arebic, चिन्तन, दीपक भारतदीप, हिंदी साहित्य, Deepak bharatdeep, E-patrika, edcation, friednds, hindi sahitya

संत कबीर वाणी:जिसके साथ दिखें चेले उसी को संत समझ लेते हैं

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: बाहर राम क्या दिखराइये, अन्तर जपिए राम … more »

Tags: hindi Personal, Hindi friends, Hindi knowledge, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, hindi bharat, hindi duniya, web duniya

संत कबीर वाणी:वर्णमाला का शोधन कर भक्ति में लीन हो जाओ

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: पढि पढि तो पत्थर भया, लिखि लिखि भया जो च … more »

Tags: Blogroll, hindi Personal, Hindi Education, Hindi friends, Hindi knowledge, Hindi Darshan, hindi mitra, hindi duniya, web duniya

संत कबीर वाणी:बिना देह के कौतुक देखा

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: गुरु मिले शीतल भया, मिति मोह तन पाया नि … more »

Tags: Blogroll, Hindi Education, Hindi friends, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu culture, bharat, web duniya, hindi megzine

संत कबीर वाणी:शब्द रटने से कोई लाभ नहीं

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: ‘कबीर’ मन फूल्या फिरै,करता हूँ मैं … more »

Tags: आध्यात्म, कबीर, कला, कविता, समाज, हिंदी, हिंदी पत्रिका, bharat, Deepak bharatdeep

संत कबीर वाणी:पढ़ कर पत्थर और लिख कर ईंट होते लोग

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: चतुराई क्या कीजिए, जो नहिं शब्द समाय क … more »

Tags: Blogroll, dharam, aastha, inglish, आस्था, आध्यात्म, चिन्तन, साहित्य, हिंदी साहित्य

संत कबीर वाणी:जब फसल घर आये तभी उसे अपनी समझो

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: पकी कहती देखि के, गरब किया किसान अजहूँ … more »

Tags: अध्यात्म, कबीर वाणी, कला, संस्कार, समाज, साहित्य, हिन्दी, Blogging, Deepak bharatdeep

संत कबीर वाणी:मन का अहंकार नहीं छूट पाता

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: माया तजो तो क्या भया मान तजा न जाय मन बड … more »

Tags: adhyatm, arebic, अध्यात्म, चिंतन, दीपक भारतदीप, सन्देश, साहित्य, हिन्दू, dharm


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