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Blogs about: Kabir

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कबीर वाणी-प्यार को सही ढंग से कोई नहीं समझता(kabir vani-pyar ka gyan)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय संत शिरोमणि कबीरदास … more →

Tags: Anubhuti, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, दोहे, धर्म, सन्देश

संत कबीर के दोहे: युद्ध से अधिक हिम्मत चाहिए मिलकर रहने में

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: कबीर तो सांचै मतै, सहै जू सनमुख वार कायर अनी चुभाय के, पीछे झखै अपार संत शिरोमणि कबीरदास जी कहत हैं … more →

Tags: Hindi Poem, Hindi knowledge, Hindi writing, India, hindi india, web duniya, hindi megzine, hindi thinking, inglish

कबीर के दोहे:दो मुखों से काम करने पर पड़ता है थप्पड़

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: जौ मन लागै एक सों, तो निरुवारा जाय तूरा दो मुख बाजता, घना तमाचा खाय संत श्री कबीरदास जी कहते हैं अगर … more →

Tags: Blogroll, hindi Personal, Hindu darshan, Hindu culture, bharat, hindu dharm, web duniya, hindi shabd, web dunia

कबीर के दोहे: ज्ञान चर्चा चौराहे पर और ध्यान एकांत में ही करो

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: अष्ट सिद्धि नव निधि लौं, सबही मोह की खान त्याग मोह की वासना, कहैं कबीर सुजान संत श्री कबीरदास का कथन … more →

Tags: hindi Personal, Hindi Education, Hindi friends, Hindi Poem, Hindi Darshan, Hindu darshan, India, hindu dharm, hindi mitra

बड़ा कौन, कलम कि जूता-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: देश के बुद्धिजीवियों का एक गोलमेज सम्मेलन बुलाया गया था। गोलमेज सम्मेलन का विषय था कि ‘जूता बड़ा कि … more →

Tags: Blogroll, writing, Dashboard, inglish, संपादकीय, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, India, हास्य व्यंग्य

संत कबीर वाणी दूसरे से उम्मीद करने पर होता है अपमान

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आस आस घर घर फिरै, सहै दुखारी चोट कहैं कबीर भरमत फिरै,ज्यों चैसर की गोट संत शिरोमणि कबीरदास कहते हैं … more →

Tags: Blogroll, inglish, हिन्दी, अभिव्यक्ति, Education, Blogging, web duniya, web dunia, web jagaran

संत कबीर संदेशः खोटी मनोवृत्ति के लोगों के सामने अपने रहस्य न खोलें

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हीरा तहां न खोलिए,जहां खोटी है हाट कसि करि बांधो गठरी, उठि चालो बाट संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते हैं … more →

Tags: हिन्दी, abhivyakti, Internet, Friends, dharm, dohe, hindu, bharat, India

संत कबीर वाणीः किसी काम के नहीं हों तो ऊंचे आदमी होने से क्या लाभ1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जोरे बड़ मति नांहि जैसे फूल उजाड़ को, मिथ्या हो झड़ जांहि संत शिरोमणि कबीरदास … more →

Tags: Hindi writing, web duniya, hindi megzine, web dunia, web jagaran, web bhasakar, web nai duniya, Deepak bharatdeep, हिंदी पत्रिका

संत कबीर वाणीःदिल में छल रहे तो भक्ति से कोई फायदा नहीं1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हरि गुन गावे हरषि के, हिरदय कपट न जाय आपन तो समुझै नहीं, औरहि ज्ञान सुनाय संत शिरोमणि कबीरदास जी कहत … more →

Tags: Hindi writing, web duniya, hindi megzine, web dunia, web jagaran, web bhasakar, web nai duniya, Deepak bharatdeep, हिंदी पत्रिका

भृतहरि शतकःआजीविका कमाते हुए मनुष्य की जिंदगी चली जाती है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हिंसाशून्यमयत्नलभ्यमश्यनं धात्रा मरुत्कल्पितं व्यालानां पशवस्तृणांकुरभुजस्तुष्टाः स्थलीशायिनः संसारा … more →

Tags: आलेख, अध्यात्म, hindu, dharm, Adhyaatm, dohe, धर्म, bharat, India

संत कबीर वाणी:पढ़ना लिखना ही दुःख का मूल कारण1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पढ़ै गुनै सीखै सुनै, मिटी न संसे सूल कहैं कबीर कासों कहूं, ये ही दुख का मूल संत शिरोमणि कबीरदास जी क … more →

Tags: Blogroll, hindi Personal, Hindi friends, Hindi online journalism, Hindi knowledge, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture

संत कबीर वाणी:विषयी लोग दीप और संत हीरे समान होते हैं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दीपक सुन्दर देखि करि, जरि जरि मरे पतंग बड़ी लहर जो विषय की, जरत न मोरे अंग संत शिरोमणि कबीरदास जी कहत … more →

Tags: आलेख, अध्यात्म, alekh, abhivyakti, adhyatm, editoriyal, Internet, Kavita, sahity

संत कबीर वाणी:परिश्रम और धैर्य से होता है कार्य सिद्ध1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: श्रम ही ते सब होत है, जो मन सखी धीर श्रम ते खोदत कूप ज्यों, थल में प्रगटै नीर संत शिरोमणि कबीरदास जी … more →

Tags: hindi Personal, Hindi Education, Hindi friends, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, hindi bharat, web duniya, hindi adhyatm

संत कबीर वाणी:टोना-टोटका सब झूठ है1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जंत्र मंत्र झूठ है, मति भरमो जग कोय सार शब्द जानै बिना, कागा हंस न होय संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते ह … more →

Tags: अध्यात्म, alekh, adhyatm, editoriyal, Internet, dharm, dohe, hindu, bharat

संत कबीर वाणी:प्रपंची गुरूओं से कोई लाभ नहीं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शब्द कहै सौ कीजिये, बहुतक गुरु लबार अपने अपने लाभ को, ठौर ठौर बटपार संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं … more →

Tags: आलेख, चिंतन, अध्यात्म, jagran, alekh, abhivyakti, adhyatm, Internet, Friends

कबीर साहित्य के पाठ की पाठक संख्या एक हजार के पार1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मेरे इस ब्लाग/पत्रिका पर संत शिरोमणि कबीरदास के दोहों वाला एक पाठ आज एक हजार की पाठक संख्या पार गया। … more →

Tags: अध्यात्म, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, कविता, मस्तराम, संस्कार, समाज, साहित्य

संत कबीर वाणी:काटने पर भी लकडी जहाज बनकर पार लगाती है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: तरुवर जड़ से काटिया, जबै तम्हारो जहाज तारे पर बोरे नहीं, बांह गाहे की लाज संत कबीर दास जी कहते हैं क … more →

Tags: हिन्दी, आलेख, अभिव्यक्ति, aadhyatm, dharm, Adhyaatm, dohe, हिन्दू, धर्म

संत कबीर वाणी:हाथी के मुहँ से गिरे दाने से चींटी पेट पालती है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कुंजी मुख से कन गिरा, खुटै न वाको आहार कौड़ी कन लेकर चली, पोषन दे परिवार संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते … more →

Tags: चिंतन, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, hindu, dharm, Adhyaatm, dohe, हिन्दू, धर्म

संत कबीर वाणीःहमारे घट में है ज्ञान का भंडार2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: (यह इस ब्लाग/पत्रिका की सौवीं पोस्ट है) सहकामी तू घट में करै, घट ही में करतार घट ही भीतर पाइये, सुरत … more →

Tags: Blogroll, Hindi Education, Hindi online journalism, Hindi knowledge, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture, bharat


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