फोर्थ इयर में आ के जिदगी हो गई जंजाल है, मेरे बिन गर्ल-फ्रेंड के यारों का, हो गया बुरा हाल है, आपने साथ वालियों को देख देख के ऐसे बोर हुए अब तो इनको हर faculty लगती केवल माल है. कुछ की तो बिमारी अब हो… more →
Apurnkmuskan wrote 1 year ago: हम तो आए थे आपसे, हाल ए िदल बयाँ करने पर बातो ही बातो मे , गजल बन गई । जो िदल मे था, जबाँ से सब कह … more →
Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: फोर्थ इयर में आ के जिदगी हो गई जंजाल है, मेरे बिन गर्ल-फ्रेंड के यारों का, हो गया बुरा हाल है, आपने … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ग़ज़लो की दीवानी आज कल पग पग निशानी मैं बस ग़ज़ल सोचती जाउ किसी पल तुम देखो मुझको मैं बस ग … more →