गुलाबी चूड़ीयां घर से जब भी शमा के पैर बेवजह बाहर निकलते , सीधा पास स्थित समंदर के किनारे पर ही रुकते | भीगी रेत पर कदमों को छूते हुए पानी में घंटों खड़ी हो जाती | मन का उल्हास हो या गम का एहसास सब उस… more →
mehekदरभंगिया wrote 2 weeks ago: एक गाँव में एक किसान रहता था. उसके तीन बेटे थे. तीनो में कोई काम नहीं करता था. सब के सब मुफ्त की रोट … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वह युवक गरीब था तब संत के पास जाता था। वह उनके यहां आश्रम की साफ सफाई करता और फिर अपने काम पर चला ज … more →