Blogs about: Kahkashan
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हमदम यही है
इज़्न-ए-खिराम लेते हुये आसमां से हम, हटकर चले हैं रहगुज़र-ए-कारवां से हम, क्योंक… more »
कुछ पल जगजीत सिंह के नाम
हमदम यही है
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Amarjeet Singh wrote 7 months ago: इज़्न-ए-खिराम लेते हुये आसमां से हम, हटक … more »
चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है
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Amarjeet Singh wrote 7 months ago: चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है, … more »
चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है
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Amarjeet Singh wrote 1 year ago: चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है … more »
तुझ से रुख़सत की वो
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Amarjeet Singh wrote 7 months ago: तुझ से रुख़सत की वो शाम-ए-अश्क़-अफ़्शां हा … more »
तोड़कर अहद-ए-करम नाआशना हो जाइये,
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: तोड़कर अहद-ए-करम नाआशना हो जाइये, बंदाप … more »
रोशन जमाल-ए-यार से है
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: रोशन जमाल-ए-यार से है अन्जुमन तमाम, दहक … more »
नज़र वो है के
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Amarjeet Singh wrote 7 months ago: नज़र वो है के जो कौन-ओ-मकां के पार हो जाय … more »
मुद्दत में वो फिर
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: मुद्दत में वो फिर ताज़ा मुलाक़ात का आलम, … more »
किस को आती है मसीहाई
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: किस को आती है मसीहाई किसे आवाज़ दूं, बोल … more »
बोल इकतारे झन झन
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: बोल इकतारे झन झन झन झन, काहकशां है मेरी … more »
ऐ वतन मेरे वतन
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: ऐ वतन मेरे वतन रूह-ए-रवानी-ए-एहराब, ऐ के … more »
अब तो उठ सकता नहीं
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: अब तो उठ सकता नहीं आंखों से बार-ए-इन्तज़ … more »
तस्कीन-ए-दिल-ए-महज़ू न हुई
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: तस्कीन-ए-दिल-ए-महज़ू न हुई वो सई-ए-क़रम फ़र … more »
