yashendra wrote 5 months ago: बरसों बाद अकस्मात जा पहुँचा गोपालगंज के थावे शक्तिपीठ. कोई योजना नहीं थी. बस, अपने आप को पाया मैया क … more →
mehhekk wrote 1 year ago: दीवानगी हा दीवानगी ही कह सकते है हम इसे | जो एहसास मन में खुश्बू सी खुशी का आभास कराए ,उसके पीछे ह … more →
Nikhilashish wrote 1 year ago: अपने साधनात्मक जीवन के प्रारंभ में गुरु साधना के उपरांत मेरे द्वारा सफलतापूर्वक की गई प्रथम साधना मा … more →
Nikhilashish wrote 1 year ago: सद्यश्छिन्नशिरः कृपाणमभयं हस्तैर्वरंबिभ्रतीँ घोरास्यां शिरसांस्त्रजासुरुचिरामुन्मुक्तकेशावलिम || स्र … more →
mehhekk wrote 2 years ago: एक नन्ही दुलारी कली जन्म लेकर कितनी खुशियाँ लाए कहते है साथ उसके लक्ष्मी आए वो अपने आप में ही है हर … more →