हसरतो के कमल आओ आओ सखियों आओ,कुछ राज़ बताना चाहूं मैं दिल की बगिया में अब के ,नये गुल खिलाना चाहूं मैं | नींद में जब सोई हुई थी,सपनो में खोई हुई थी कोई अजनबी दबे पाव आया,उलझी लटो को सुल… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: हसरतो के कमल आओ आओ सखियों आओ,कुछ राज़ बताना चाहूं मैं दिल की बगिया में अब के ,नये गुल खिलान … more →
mehhekk wrote 1 year ago: अब तक तुम गहरी नींद सोए हुए हो किन सच्चे झूठे सपनो में खोए हुए हो वो कौनसी यादे है जो पीछा नही छोड़त … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कनक सी रवि किरनो से पवन मखमली एहसास तले मनमोहक झरना निर्मल सा हरे पन्नो के बीच में दो कमल के फूल ख … more →