काँटों की चुभन पायी फूलों का मज़ा भी, दिल दर्द के मौसम में रोया भी हँसा भी, आने का सबब याद न जाने की ख़बर है, वो दिल में रहा और उसे तोड़ गया भी, हर एक से मंजिल का पता पूछ रहा है, गुमराह मेरे साथ हुआ रहन… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: काँटों की चुभन पायी फूलों का मज़ा भी, दिल दर्द के मौसम में रोया भी हँसा भी, आने का सबब याद न जाने की … more →