वस्तुध्वशक्येषु समुद्यनश्चेच्छक्येषु मोहादसमुद्यश्मश्च। शक्येषु कालेन समुद्यनश्व त्रिघैव कार्यव्यसनं वदंति।। हिंदी में भावार्थ-शक्ति से परे वस्तु को प्राप्त करने का प्रयास करना, प्राप्त होने योग्य वस्… more →
** दीपक भारतदीप की अमृत संदेश-पत्रिका** Mastram Deepak Bharatdeep's Hindi express patrikaदीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: कौटिल्य महाराज के अनुसार —————————- उच्चेरुच्च … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कौटिल्य महाराज के अनुसार —————————- उच्चेरुच्च … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: वस्तुध्वशक्येषु समुद्यनश्चेच्छक्येषु मोहादसमुद्यश्मश्च। शक्येषु कालेन समुद्यनश्व त्रिघैव कार्यव्यसनं … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: वस्तुध्वशक्येषु समुद्यनश्चेच्छक्येषु मोहादसमुद्यश्मश्च। शक्येषु कालेन समुद्यनश्व त्रिघैव कार्यव्यसनं … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: के अनुसार ———————– आस्रावयेदुपचितान् साधु दुष्टऽव्रण … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: प्रारब्धानि यथाशास्त्रं कार्याण्यासनबुद्धिभिः। बनानीय मनोहारि प्रयच्छन्त्यचिसत्फलम्।। हिंदी में भावा … more →