यह कविता महावीर जी सर के ब्लॉग पर हुए कविता सम्मलेन में शामिल हुई थी | आज लम्हे जिंदगी के में यह लम्हा भी जुड़ गया | मन की चिड़िया मन की चिड़िया सावन में तन का मैल है धोये । देख के बादल मतवारे निकले ,हो… more →
लम्हें जिन्दगी केkavideepaksharma wrote 7 months ago: दिल में जब तक मैं-तू नहीं हम हैं घर बिखरने के मौके बहुत कम हैं . कौन खींचेगा भला सेहन में दीवार प्या … more →
kavideepaksharma wrote 7 months ago: जिस पर मुझे ज़रूरत से ज्यादा गुमान था दिल उस शख्स का बहुत बेईमान था बिखरा हुआ पड़ा था एक साया उसके प … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: यह कविता महावीर जी सर के ब्लॉग पर हुए कविता सम्मलेन में शामिल हुई थी | आज लम्हे जिंदगी के में यह लम् … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: यह कविता महावीर जी सर के ब्लॉग पर हुए कविता सम्मलेन में शामिल हुई थी | आज लम्हे जिंदगी के में यह लम् … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: ‘महावीर‘ ब्लॉग (http://mahavir.wordpress.com) पर १५ जुलाई २००८ के मुशायरे/कवि सम्मेलन मे … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: ‘महावीर‘ ब्लॉग (http://mahavir.wordpress.com) पर १५ जुलाई २००८ के मुशायरे/कवि सम्मेलन मे … more →