तेरी इक नजर को तरसे है ये नैना पर तू ना जाने कहाँ गुम है। ख्वाबो मे इक झलक दिखलाकर फिर से ना जाने कहाँ गुम है। तुझसे ना दूर होंगे ऐसा तेरा वादा था पर हर वादा भूलकर तू ना जाने कहाँ गुम है ।… more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 1 year ago: तेरी इक नजर को तरसे है ये नैना पर तू ना जाने कहाँ गुम है। ख्वाबो मे इक झलक दिखलाकर फिर से ना जाने क … more →
kmuskan wrote 1 year ago: हर घडी ये िदल कोई नया खवाब बुनता है हर खवाब मे तुमहारा ही चेहरा िदखता है। मेरी हालत पे हँसते है दुिन … more →