खुदा तेरी दुनिया में ऐसा कब होगा न किसी को भूख लगे और न उसका मन रोगा खुदा तेरी दुनिया में क्यूँ है इतने बीमार कुछ लोग महलों में और कुछ क्यूँ लाचार ये कब बदलेगा,कब सब समान होगा सब को एक ही छत और सरी की… more →
mehekmehhekk wrote 7 months ago: खुदा तेरी दुनिया में ऐसा कब होगा न किसी को भूख लगे और न उसका मन रोगा खुदा तेरी दुनिया में क्यूँ है इ … more →
pryas wrote 12 months ago: तुम नभ हो, मेघ हो, गर्जन हो, तुम धरती पर व्याप्त शक्ति, प्रजनन हो. तुम आग हो, शीतल हो, पानी हो, इस ज … more →
mehhekk wrote 1 year ago: खुदा-ए-अज़ीज तेरे दर पे एक ही बड़ी चादर चढ़ाउँ तो काफ़ी होगी न वक़्त के साथ तुझसे माँगनेवालों की दुआ … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक गीत बेख़बर जिंदगी से जी रहे थे के तुम आ गये | कहुँ कैसे मरे जा रहे थे के तुम आ गये | हे मजिंल … more →
mehhekk wrote 1 year ago: काटो से भरी राहे चुनकर जो चलते है अक्सर फूलों के बिस्तर उन्हे रास नही आया करते | इश्क़ की मुश्किल … more →
mehhekk wrote 1 year ago: खुदा तेरी खुदाई की कसम जूस्तजू है अदब से एक बार रूबरू करा दे यार से एक बार | रास्ते में टकराए है उनस … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: जो युग बीत गया हो उसका अंजाम कहाँ से लाऊ , कलयुग मैं रहने वाला हूँ राम कहाँ से लाऊ . सीता को भी ढूँढ … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: पत्थर तराशता एक शक्स , खुदा से मिलने की ज़िद कर बैठा । हाथ लकीरों से भरे थे पहले , अब मगर छालो से भर … more →