काटो से भरी राहे चुनकर जो चलते है अक्सर फूलों के बिस्तर उन्हे रास नही आया करते | इश्क़ की मुश्किल डगर जो थाम लेते एकबार तूफ़ानो से डरकार वो वापस नही जाया करते | जीवन की गहराई में जो सत्य रौशन कराए … more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: काटो से भरी राहे चुनकर जो चलते है अक्सर फूलों के बिस्तर उन्हे रास नही आया करते | इश्क़ की मुश्किल … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ये शीशे ये सपने ये रिश्ते यह धागे, किसे क्या खबर है कहां टूट जायें, मोहब्बत के दरिया मे तिनके वफ़ा के … more →