चाँदनी के फूलों से सजी मोगरे की डाली झरते फूल हलके ही अन्जनी में समेटे पूछ लिया पौधे ने ,कही तुम्हे चोट तो नही लगी? =============================== गुलाबी ,लाल रंगों की खिलखिलाहट खुश्बू बस हम में खुशी… more →
mehekmehhekk wrote 1 week ago: चाँदनी के फूलों से सजी मोगरे की डाली झरते फूल हलके ही अन्जनी में समेटे पूछ लिया पौधे ने ,कही तुम्हे … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हम तुम अलग अलग दो तन एक मन बाहों में ये कंपन हमारी तुम्हारी बढ़ती धड़कन हम फूल तुम खुशबू इन फ़िज़ा … more →