चाँदनी के फूलों से सजी मोगरे की डाली झरते फूल हलके ही अन्जनी में समेटे पूछ लिया पौधे ने ,कही तुम्हे चोट तो नही लगी? =============================== गुलाबी ,लाल रंगों की खिलखिलाहट खुश्बू बस हम में खुशी… more →
mehekmehhekk wrote 2 weeks ago: चाँदनी के फूलों से सजी मोगरे की डाली झरते फूल हलके ही अन्जनी में समेटे पूछ लिया पौधे ने ,कही तुम्हे … more →
Roushan wrote 2 months ago: बुझती हुई लौ में रूकती हुई साँसों में आपके हर ग़मों के आहों में मैं नहीं मैं तो हु आप … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मोह किसी भी चीज़ का होता है मन अटकेलिया करता है वो फूल से फूल मंडराती तितली आँखें मिचे मधु चुराती पर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: दुनिया की भीड़ में खुद को ढालना ज़रूरी होता है दो पल बैठ किनारे कभी खुद से मिलना ज़रूरी होता है … more →
Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: संसार के दुःख रूपी विष से हर किसी को है आघात यहाँ, इस विषरूपी दुःख दैत्य की क्या कोई नहीं है का … more →