mehhekk wrote 4 months ago: मनीप्लांट ख्वाहिशो की पारदर्शक बोतल … more →
mehhekk wrote 5 months ago: कौन हो नूरे-जिगर कोई मोह्पाश हो दहकत … more →
mehhekk wrote 6 months ago: ख्वाब अँखियों की पलकों में समाए ये … more →
mehhekk wrote 7 months ago: रात रात भर करवटे बदलते नज़र आये तेरी … more →