mehhekk wrote 1 year ago: मनीप्लांट ख्वाहिशो की पारदर्शक बोतल को ख्वाबों के पानी से भर दिया उम्मीद का एक हरा पत्ता जड़ दिया … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कौन हो नूरे-जिगर कोई मोह्पाश हो दहकते दिल में खिला प्यार पलाश हो | खीची चली आती हूँ उसी मकाम पर म … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ख्वाब अँखियों की पलकों में समाए ये रहते मन में छिपी बातों को हमसे ये कहते कुछ स्याह कुछ इंद्रधनु स … more →
mehhekk wrote 1 year ago: रात रात भर करवटे बदलते नज़र आये तेरी यादों के साये बेवक़्त हमे सलते है | दुनिया की सच्चाई से रिश्ता … more →