काश कुछ ऐसा होता सोचती हूँ काश कुछ ऐसा होता सब कुछ जैसा मैं चाहूं , वैसा होता | जब मन में कोई ख्वाहिश पनपति पलक झपकने से पहले परिपूर्ण होती | फिर ना ही मुझे किसीसे करना पड़ता इज़हार और ना ही करना होत… more →
mehekmehhekk wrote 2 years ago: काश कुछ ऐसा होता सोचती हूँ काश कुछ ऐसा होता सब कुछ जैसा मैं चाहूं , वैसा होता | जब मन में कोई ख्वाहि … more →
mehhekk wrote 2 years ago: मन के झरोके से झाकती और उठती ख्वाहिशो की छोटी लहरें हर दिन नया जनम लेकर आती है देखती है ख्वाब संपू … more →