आज सुबह से नल था मौन , पता नहीं कारण था कौन ? मैंने पूछा तनिक पास से , भैय्या दिखते क्यों उदास से ? बोला , ‘क्या बतलाऊं यार , रोज सहन करता हूं मार . कान ऐंठता जो भी आता , टांग बाल्टी मुझे सताता . लड़ते… more →
शैशवmadsadman wrote 9 months ago: I still remember my childhood (atleast a substantial portion of it). It was 1988 and I was 8 years o … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: आज सुबह से नल था मौन , पता नहीं कारण था कौन ? मैंने पूछा तनिक पास से , भैय्या दिखते क्यों उदास से ? … more →