किसी रंजिश को हवा दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी मुझको अहसास दिला दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी (रंजिश : animosity; अहसास : realisation; ज़िंदा : alive) मेरे रुकने से मेरी साँस भी रुक जाएँगी फ़ासले और बढ़ा दो कि… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 3 years ago: किसी रंजिश को हवा दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी मुझको अहसास दिला दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी (रंजिश : animos … more →