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Blogs about: Krishna

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Bhakta Surdas Challenges God - हृदयाद्यदि निर्यासि पौरुषं गणयामि ते ॥

bharateeya wrote 3 weeks ago: भक्तः सूरदासः (१४७८-१५८१ CE) भक्तः कः इत्यस्य नूतनमेकं व्याख्यानं मया अधुना श्रुतम् – “य … more →

Tags: कथा, संस्कृतलेखः, विचारकणिकाः, Bhakti, Surdas

व्हाट अ रास्कल ही वॉज़...

prabhat wrote 5 months ago: पूरे बीस दिन तक खूब धमाल रहा। पवित्रता, आस्था और परम्पराओं का फिर संगम हुआ, समय के साथ बदल रही मान्य … more →

Tags: kumbh diary, Kumbh, Allahabad, India

Bhagavad Gita

Praful wrote 9 months ago: ||Yoga of the Threefold Division of Qualities|| Said Arjuna: “Those who give up the scriptural … more →

Tags: News

प्राणेश्वर श्रीकृष्ण

aspundir wrote 1 year ago: प्राणेश्वर श्रीकृष्ण मंत्र- “ॐ ऐं श्रीं क्लीं प्राण-वल्लभाय सौः सौभाग्यदाय श्रीकृष्णाय स्वाहा। … more →

Tags: Dharma-धर्म, प्राणेश्वर श्रीकृष्, Janmashtami, mantra

श्रीमद्भगवद्गीता - ९

Nikhilashish wrote 1 year ago: अव्यक्तोऽयमचिन्त्योऽयमविकार्योऽयमुच्यते | तस्मादेवं विदित्वैनं नानुशोचितुमर्हसि || यह आत्मा अव्यक्त … more →

Tags: नीति वचन, Thought, Wisdom, Arjun, Gita, Life

श्रीमद्भगवद्गीता - ८

Nikhilashish wrote 1 year ago: अच्छेद्योऽयमदाह्योऽयमक्लेद्योऽशोष्य एव च | नित्यः सर्वगतः स्थाणुरचलोऽयं सनातनः || यह आत्मा अच्छेद्य … more →

Tags: नीति वचन, Thought, Wisdom, Arjun, Gita, Life

श्रीमद्भगवद्गीता - ७

Nikhilashish wrote 1 year ago: नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः | न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः || इस आत्मा को शास् … more →

Tags: नीति वचन, Arjun, Gita, Life, Thought, Wisdom

श्रीमद्भगवद्गीता - ६

Nikhilashish wrote 1 year ago: वासांसि जीर्णानि यथा विहाय नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि | तथा शरीराणि विहाय जीर्णान्यन्यानि संयाति नवानि … more →

Tags: नीति वचन, Thought, Wisdom, Arjun, Gita, Life

श्रीमद्भगवद्गीता - ५

Nikhilashish wrote 1 year ago: वेदाविनाशिनं नित्यं य एनमजमव्ययम् | कथं स पुरुषः पार्थ कं घातयति हन्ति कम् || हे पृथापुत्र अर्जुन! ज … more →

Tags: नीति वचन, Thought, Wisdom, Arjun, Gita, Life

श्रीमद्भगवद्गीता - ४

Nikhilashish wrote 1 year ago: न जायते म्रियते वा कदाचिन्नायं भूत्वा भविता वा न भूयः | अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो न हन्यते हन्यमा … more →

Tags: नीति वचन, Thought, Wisdom, Arjun, Gita, Life

श्रीमद्भगवद्गीता - ३

Nikhilashish wrote 1 year ago: य एनं वेत्ति हन्तारं यश्चैनं मन्यते हतम् | उभौ तौ न विजानीतो नायं हन्ति न हन्यते || जो इस आत्मा को म … more →

Tags: नीति वचन, Thought, Wisdom, Arjun, Gita, Life

श्रीमद्भगवद्गीता - २

Nikhilashish wrote 1 year ago: अशोच्यानन्वशोचस्त्वं प्रज्ञावादांश्च भाषसे | गतासूनगतासूंश्च नानुशोचन्ति पण्डिताः || हे अर्जुन! तू न … more →

Tags: नीति वचन, Thought, Wisdom, Arjun, Gita, Life

श्रीमद्भगवद्गीता - १

Nikhilashish wrote 1 year ago: कुतस्त्वा कश्मलमिदं विषमे समुपस्थितम् | अनार्यजुष्टमस्वर्ग्यमकीर्तिकरमर्जुन || हे अर्जुन! तुझे इस अस … more →

Tags: नीति वचन, Thought, Wisdom, Arjun, Gita, Life

ढाई आखर प्रेम का भेद न जाने कोय1 comment

pryas wrote 1 year ago: कृष्ण गोकुल से मथुरा आ गए। उनको मथुरा में कुछ भी अच्छा नहीं लगता। वहां मथुरा में उद्धव भगवान कृष्ण क … more →

Tags: हितोपदेश, Naresh, ढाई आखर प्रेम, कृष्ण, गोकुल, मथुरा, hindichittha, brij, gokul

तहु बाँसुरिया बजाओ कन्हाई1 comment

mehhekk wrote 1 year ago: तहु बाँसुरिया बजाओ कन्हाई राधा रानी छेड़त साज़ भगवन महू तोरी प्रीत अपनाई संसार की मोहे कौनू चिंता ना … more →

Tags: eshwar bhakti, Kavita, Hindi Poem, Mehek, mehhekk, Blogroll, bhajan, puja, kanha

काहे तूने मटकी तोड़ी1 comment

mehhekk wrote 1 year ago: काहे तूने मटकी तोड़ी वृंदावन में फिर एक नयी सुबह खिली सारी गोपिया पनिया भरन को चली राह भर बतियाती इत … more →

Tags: eshwar bhakti, Shayari, Kavita, Hindi Poem, Sher, Mehek, Blogroll, kanha, natkhat

यमुना के तट पर

mehhekk wrote 1 year ago: यमुना के तट पर गोपियों का जमघट वस्त्राभूषण रख कर जलक्रीड़ा करती सब. नटखट कान्हा आए छुपता दबे पाव तब … more →

Tags: eshwar bhakti, Shayari, Kavita, Hindi Poem, Eshwar, Bhakti, Sher, Mehek, mehhekk


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