Blogs about: Land

आज फिर धुँधले बादलों के पार

विनय wrote 1 year ago: आज फिर धुँधले बादलों के पार देखा चाँद, सुनहरा चाँद… आज फिर तेरी याद आयी, आज फिर मेरा जिस्म महक … more →

Tags: मेरी नज़्म, आँख, आस्माँ, उफ़, चाँद, जिस्म, तमन्ना, धुँधले, बादल