‘उन्मुक्त जी, यह भी कोई सवाल है। क्या, कोई वकील भी बनना चाहता है। लगता है आपको मालुम नहीं, आज के समाज में स्पैमरस् के बाद, समाज में, सबसे तिरस्कित वकील ही हैं। कुछ वकील जरूर पैसा कमाते हैं पर … more →
छुट-पुटउन्मुक्त wrote 2 months ago: ‘उन्मुक्त जी, यह भी कोई सवाल है। क्या, कोई वकील भी बनना चाहता है। लगता है आपको मालुम नहीं, आज … more →
उन्मुक्त wrote 3 months ago: शैरन केलर (Sharon Keller) सबसे पहले १९९४ में टेक्साज़ अपीली न्यायालय की न्यायाधीश चुनी गयी थीं। वे इ … more →
उन्मुक्त wrote 3 months ago: इस चिट्ठी में वेब के इतिहास, उसके आविष्कार, उसके भविष्य, उसके कारण उठ रही मुश्किलों, सवालों, कानूनी … more →
उन्मुक्त wrote 5 months ago: अन्तरजाल पर कॉपीराइट का उल्लंघन रोकना मुश्किल है। इसको रोकने के लिये नये नये तरीके ढूंढे जा रहे नये … more →
उन्मुक्त wrote 5 months ago: मैंने कुछ समय पहले उन्मुक्त चिट्ठे पर अंतरजाल की मायानगरी में नामक एक श्रंखला लिखी थी। इस चिट्ठी में … more →
उन्मुक्त wrote 11 months ago: मैंने अपने इसी चिट्ठे पर दो चिट्ठियां ‘मुक्त मानक और अमेरिकी चुनाव‘ और ‘क्या ओबाम … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: ‘उन्मुक्त जी, किसका जन्मदिन है किसे बधाई दे रहे हैं, हमें भी तो बताइये। क्या अकेले ही केक खा लेंगे?’ … more →
ourseniors wrote 1 year ago: Ministry of Social Justice & Empowerment is the nodal Ministry responsible for welfare of the Se … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: कुछ समय पहले मैं साउथ अफ्रीका के इंडिपेंडेंट एलक्टोरल कमीशन (Independent Electoral Commission, Head … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: पेटेंट, बौद्धिक सम्पदा अधिकारों में सबसे महत्वपूर्ण है और शायद सबसे मुश्किल भी। मैंने इसके बारे में … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: गुलाबी रंग तो प्रेम और रोमांस का रंग समझा जाता है। मैं भी इसे इसी तरह से लेता हूं पर बांदा की गुलाबी … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: ‘विकिपीडिया की रिहाई? अरे उन्मुक्त जी विकिपीडिया तो पहले से ही मुक्त है अब इसकी रिहाई करने की … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: देखने का नजरिया अलग है। किसी ने अगर आलोक पुराणिक जी के चिट्ठे से दो पोस्ट हू बहू कापी कर अपने चिट्ठे … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: भारत की अजीब बनावट का ही कमाल है कि यहां मुफ्त में मिलने वाली चीजें मुफ्त नहीं मिलती हैं। एफआईआर करा … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: कुछ समय पहले मैंने अपने उन्मुक्त चिट्ठे पर कछुवा, खरगोश, और ओपेन सोर्स के बारे में लिखा था। विकिपीडि … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: स्कूल में सबको पढ़ाया बताया जाता रहा कि बड़ा सपना देखो, बड़े बनोगे। लेकिन सुनता ही कोई नहीं। मैं सुन … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: बच्चे पिता से क्यों डरते हैं? मुझे इसका सीधा जवाब जो समझ में आता है वो है कि पिता बेटे से कुछ भी प्र … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: लोगों की बौखलाहट बढ़ेगी और यह तब तक बढ़ेगी जब तक इसे समझ नहीं लिया जाएगा। विदेशों में लोग इसके प्रति … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: क्या हिन्दी वीकिपीडिया पर लेख लिखने और चिट्ठियों को कॉपीलेफ्टिंग करने से कुछ फायदा होता है। जी हां, … more →