देखने का नजरिया अलग है। किसी ने अगर आलोक पुराणिक जी के चिट्ठे से दो पोस्ट हू बहू कापी कर अपने चिट्ठे में डाल दिया तो क्या वह चोर हो गया? आप कहते होंगे, मैं उसे नहीं मानता। मैं उसे उसकी भूख मानता हूं। … more →
My Dreamउन्मुक्त wrote 3 days ago: अन्तरजाल पर कॉपीराइट का उल्लंघन रोकना मुश्किल है। इसको रोकने के लिये नये नये तरीके ढूंढे जा रहे नये … more →
उन्मुक्त wrote 1 week ago: मैंने कुछ समय पहले उन्मुक्त चिट्ठे पर अंतरजाल की मायानगरी में नामक एक श्रंखला लिखी थी। इस चिट्ठी मे … more →
उन्मुक्त wrote 6 months ago: मैंने अपने इसी चिट्ठे पर दो चिट्ठियां ‘मुक्त मानक और अमेरिकी चुनाव‘ और ‘क्या ओबाम … more →
उन्मुक्त wrote 9 months ago: ‘उन्मुक्त जी, किसका जन्मदिन है किसे बधाई दे रहे हैं, हमें भी तो बताइये। क्या अकेले ही केक खा लेंगे? … more →
ourseniors wrote 9 months ago: Ministry of Social Justice & Empowerment is the nodal Ministry responsible for welfare of the Se … more →
उन्मुक्त wrote 10 months ago: कुछ समय पहले मैं साउथ अफ्रीका के इंडिपेंडेंट एलक्टोरल कमीशन (Independent Electoral Commission, Head … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: पेटेंट, बौद्धिक सम्पदा अधिकारों में सबसे महत्वपूर्ण है और शायद सबसे मुश्किल भी। मैंने इसके बारे में … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: गुलाबी रंग तो प्रेम और रोमांस का रंग समझा जाता है। मैं भी इसे इसी तरह से लेता हूं पर बांदा की गुलाबी … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: ‘विकिपीडिया की रिहाई? अरे उन्मुक्त जी विकिपीडिया तो पहले से ही मुक्त है अब इसकी रिहाई करने की … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: देखने का नजरिया अलग है। किसी ने अगर आलोक पुराणिक जी के चिट्ठे से दो पोस्ट हू बहू कापी कर अपने चिट्ठे … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: भारत की अजीब बनावट का ही कमाल है कि यहां मुफ्त में मिलने वाली चीजें मुफ्त नहीं मिलती हैं। एफआईआर करा … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: कुछ समय पहले मैंने अपने उन्मुक्त चिट्ठे पर कछुवा, खरगोश, और ओपेन सोर्स के बारे में लिखा था। विकिपीडि … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: स्कूल में सबको पढ़ाया बताया जाता रहा कि बड़ा सपना देखो, बड़े बनोगे। लेकिन सुनता ही कोई नहीं। मैं सुन … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: बच्चे पिता से क्यों डरते हैं? मुझे इसका सीधा जवाब जो समझ में आता है वो है कि पिता बेटे से कुछ भी प्र … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: लोगों की बौखलाहट बढ़ेगी और यह तब तक बढ़ेगी जब तक इसे समझ नहीं लिया जाएगा। विदेशों में लोग इसके प्रति … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: क्या हिन्दी वीकिपीडिया पर लेख लिखने और चिट्ठियों को कॉपीलेफ्टिंग करने से कुछ फायदा होता है। जी हां, … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: कुछ दिन पहले मैंने एक पोस्ट लिखी थी, क्या आपने कभी 1098 पर फोन किया है? अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन हर … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: भाई मैंने गाना सुना है, बड़ा मस्त गाना है। लेकिन परवीन को कहना भी अपनी जगह सही है। अबरारुल हक का कहन … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: देश तरक्की कर रहा है। और करेगा। लेकिन इसके साथ ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। लोग पैसा और नाम के पीछे अंधी … more →