Blogs about: Life
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वह कब आयेगी
वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इंतिज़ार करता हूँ यारा जिसके लिए फिरता हूँ … more »
तख़लीक़-ए-नज़र
इस ब्लाग (पत्रिका) की पाठक संख्या बीस हजार के पार
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दीपक भारतदीप wrote 2 days ago: 12 दिसंबर 2007 को इस हजार की संख्या पार कर च … more »
हर सख्श अपनी तनहाइ मे
Manish Pansiniya wrote 3 days ago: हर सख्श अपनी तनहाइ मे अपनी परछाइ क … more »
अनुभूति का परा विज्ञान
alakh niranjan wrote 3 days ago: चेतना के तीन तल हैं. स्थूल, सूक्ष्म और श … more »
दील हो गया है दीवाना
Manish Pansiniya wrote 4 days ago: दील हो गया है दीवाना, जब से तुजे देखा जा … more »
धन आने से बुद्धि नहीं आ जाती-लेख Money is not coming to mind - article
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: पैसे में बहुत बड़ी ताकत होती है यह भी ब … more »
यह टूल मुझे तो दिलचस्प लगा-आलेख It is interesting tool, I thought - Stories
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: मेरी आदत है कि आते ही अपने ईमेल पर चिट् … more »
रिवाइवल
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mehhekk wrote 1 week ago: कुछ लोगो की टीम ग्लव्स में खून से सन … more »
करते हास्य कविता की पैनी धार
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: फंदेबाज आया और बोला ‘दीपक बापू, तुम क् … more »
वह कब आयेगी
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विनय प्रजापति wrote 1 week ago: वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इंति … more »
तेरे वजूद का एहसास
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mehhekk wrote 1 week ago: अपने आप में खोई,अकेली ही खड़ी थी | न … more »
एक मैं और एक मैं
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hemjyotsana "Deep" wrote 2 weeks ago: एक “मैं ” ….. “और एक मैं “….. एक … more »
यह नहीं बता सकते कि हिट होगा कि फ्लाप-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: फंदेबाज के घर के दौरे पर पहूंचे तो उसक … more »
तुम घुघंट मे गुमसुम बेठी हो
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Manish Pansiniya wrote 3 weeks ago: नयी दुल्हन के लीये…. तुम घुघंट मे … more »
विदुर नीति:शरीर रथ, इन्द्रियां घोडे और बुद्धि होती है सारथि
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: 1. मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथि और … more »
जब कभी मैंने साँस ली
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: जब कभी मैंने साँस ली साथ तेरे नाम की फा … more »
न्युज और टीवी -
Manish Pansiniya wrote 1 month ago: न्युज और टीवी , वाह कया रंग दिखलाते … more »
तुम मेरे हो
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों द … more »
राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना … more »
सच के परे बहस बेकार-कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: औरत पर अनाचार का प्रश्न उठता है कई बार … more »
