कल तुम गुजर रहे थे , या कोई ग़ज़ल गुनगुना रहा था …. कल आहट थी कोई पहचानी , या कोई दरवाजे पर आ आ के जा रा था …. कल चाँद था फलक पर , या तेरा चेहरा मुस्कुरा रहा था …. मैने बहुत रोका मगर… more →
लम्हें जिन्दगी केaglakadam wrote 3 days ago: This is a poem written by a teenager with cancer.She wants to see how many people get her poem. It i … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 month ago: कल तुम गुजर रहे थे , या कोई ग़ज़ल गुनगुना रहा था …. कल आहट थी कोई पहचानी , या कोई दरवाजे पर आ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कहो कुछ भी करो कुछ और। बन जाओगे जमाने के सिरमौर। सभी को सुनने में अच्छा लगे ऐसे शब्द अपने मुख से कहो … more →
mequitnever wrote 1 month ago: क्या है, क्यों है, कैसे है सोचता था जब पाया तो बहुत खुश हुआ उसके बाद क्या ? पाया, वो मिल गया अब कहाँ … more →
Maheep Saraf wrote 1 month ago: मैं मंदिर जाता हूँ हर रोज़, अब कोई मुझे शराबी नहीं कहता कलयुग हे, चलता हे; यहाँ कोई देर तक पापी नहीं … more →
Maheep Saraf wrote 1 month ago: चाँद को देखता था हर रोज़ आसमान में, कभी ये मेरे भी करीब होगा आज मुट्ठी में हे चांदनी मगर, हथेली की त … more →
Maheep Saraf wrote 1 month ago: लोग मिलतें हैं महफिलों में, हज़ार चेहरों को बदल कर काम के वक़्त किसी भी अपने का चेहरा नहीं मिलता … more →
Maheep Saraf wrote 4 months ago: जो सदाएँ सुनाई देती थी सागर की लहरों में वो गुम हो गई हे कहीं बमो की खबरों मे ढूंढ रहा हूँ वो बचपन, … more →
Maheep Saraf wrote 4 months ago: हिरण हो वन में या तरंग पवन में दीपक हो जैसे तमस सघन में मीठी भोली हँसी तुम्हारी छाव मिली हो भारी तपन … more →
Maheep Saraf wrote 4 months ago: कुछ जादू सा हे आज इन हवाओं में, जानी पहचानी सी सरगम हे इन सदाओं मे जाने क्यों तेरी आहट सी लगती हे ये … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 4 months ago: दिल से तेरा ख्याल ना जाये तो क्या करूँ । तू ही बता तेरी याद आये तो क्या करूँ । हसरत है कि तुझे इक नज … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 4 months ago: दिल से तेरा ख्याल ना जाये तो क्या करूँ । तू ही बता तेरी याद आये तो क्या करूँ । हसरत है कि तुझे इक नज … more →
alishaminta wrote 5 months ago: The poem which depicts about lovers emotion when they are missing the love. What happens to ones emo … more →
mequitnever wrote 5 months ago: यह एक मज़ेदार प्रसंग है | मर्द और औरत दोनों ही इस बात को बड़ी दिलचस्पी से लेते है | मगर बूढ़े कौआ छू ग … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 5 months ago: रंग महौब्बत का है ताउम्र चमकता रहता है । इस नगरी में जादु है गुलाल बरसता रहता है । क्या तुम से म … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 5 months ago: रंग महौब्बत का है ताउम्र चमकता रहता है । इस नगरी में जादु है गुलाल बरसता रहता है । क्या तुम से म … more →
mequitnever wrote 5 months ago: आज मैं अपने डेस्क को ठीक कर रहा था और कहीं कोने से मेरे हाथ एक फोल्डर लगा | उस फोल्डर में रंगीन कगाज … more →
alakh niranjan wrote 5 months ago: हमारे मन में हमेशा यह उलझन रहती है कि धन और ध्यान में क्या साधे और क्या छोड़ दें? किस्सों कहानियों क … more →
Gaurav Mishra wrote 5 months ago: A boy and a girl were playing together. The boy had a collection of marbles. The girl had some sweet … more →