नन्हे से दीपक में सजाई बाती रौशनी चारों तरफ,निखरी हुई ज्योति हर पल तप तप कर तुम हो जाना प्रखर दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर | अंधेरी गलियों में जो हम भटक जाए तेरे उजियारे से मन की प्रज्वलित हो आश… more →
mehekविनय wrote 5 months ago: What I am what I wanna be Shame shame a big shame on me What I am what I wanna be There’s no l … more →
Praful wrote 6 months ago: Oil prices fell on Tuesday in Asia, adding to a sharp drop overnight, as concern that energy demand … more →
Praful wrote 6 months ago: Oil prices fell on Tuesday in Asia, adding to a sharp drop overnight, as concern that energy demand … more →
Rakesh wrote 8 months ago: Traffic light in the night … more →
विनय wrote 9 months ago: I am a destroyer destroying myself so selfishly There is a monster and a devil waking in nights, ins … more →
विनय wrote 11 months ago: न वह कभी आँखों से उतारा ही गया और न कभी लबों से पिया ही गया वह इक दर्द का बवण्डर था शायद न जिसे कभी … more →
विनय wrote 11 months ago: बोल तुझे इक हर्फ़ में कैसे लिख दूँ तस्वीर नहीं बनती कभी हर्फ़ों से… तू रोशनी और यह तन्हाई अंधेरा … more →
विनय wrote 1 year ago: एक दोस्त मेरा भी हो एक यार मेरा भी हो जिसकी बाँहों में मुझे मिल जाये ज़िन्दगी जो झूठ-मूठ रूठ के सताये … more →
विनय wrote 1 year ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये दीप जलेंगे जब बसंत की धूप महकेगी उम्मीद है दोनों दिल खिलेंगे … more →
विनय wrote 1 year ago: दिल का जला होता तब रोशनी होती मैं तो जला हूँ चश्मे-अश्कबारी का… अब मेरी ख़ाक इक निहाँ दलदल है! … more →
विनय wrote 1 year ago: हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से अब बात नहीं बनती है तेरी यादों से बोल तुझे इक हर्फ़ में कैसे … more →
विनय wrote 1 year ago: दिल तोड़ना at first sight झूठा गुस्सा उस पर झूठी fight लड़की है दीवानी लड़का दीवाना अपनी दोनों की जम … more →
mehhekk wrote 1 year ago: नन्हे से दीपक में सजाई बाती रौशनी चारों तरफ,निखरी हुई ज्योति हर पल तप तप कर तुम हो जाना प्रखर दीप … more →
विनय wrote 1 year ago: ख़ुदा ने जब किसी को न कहा अपना ख़ुदा फिर तूने क्यों कहा ग़ैर को अपना ख़ुदा यह तो हद ही कर दी तूने, य … more →
विनय wrote 1 year ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हमें यह वादा दे दो आओ तो फिर जाओ ना अपनी हँसी से यह घर सजा दो … more →
विनय wrote 1 year ago: ना जीने को जी करता है ना मरने को जी करता है तू नहीं है जो साथ मेरे साथ रहने क … more →
विनय wrote 1 year ago: इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन दिल में है हर पल इक तड़पन सुन रहा हूँ दीवाने दिल की धड़कन चाँद जो वह … more →
विनय wrote 1 year ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें कितना तन्हा कर जाती हैं रोते हैं सब से छिपकर अँधेरों में ख़ुद … more →
विनय wrote 1 year ago: तुझे देखा तू ही मेरी हमनशीं तुझे चाहा तू ही मेरी जान-सी तुझे देखा मैंने तुझे चाहा तुझे सिर्फ़ तू ही म … more →